March 3, 2024
breathing exersize

प्राणायाम दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह एक प्राचीन योगिक अभ्यास है जो हमारे शरीर, मन और आत्मा के लिए लाभदायक है। प्राणायाम में विशेष रूप से निःश्वास और प्राण के नियंत्रण का महत्व होता है। यह 5 yoga breathing exercises अभ्यास हमारे श्वास प्रणाली को स्वस्थ बनाने और शांति प्राप्त करने में मदद करता है।

इसके साथ ही, प्राणायाम निर्मल मनोवृत्ति और ध्यान की प्राप्ति में भी मदद करता है। यह मन को शांत और स्थिर बनाने में सहायता करता है, स्ट्रेस को कम करता है और मानसिक स्थिरता को बढ़ाता है।

    योग श्वास व्यायाम (5 yoga breathing exercises):

  • गहरी पेट सांस (diaphragmatic breathing)
  • नाड़ी शोधन (Alternate Nostril Breathing)
  • शीतली प्राणायाम (Cooling Breathing)
  •  कपालभाति प्राणायाम (Skull shining)
  • उज्जायी प्राणायाम:

आपके लिए मैं पांच योगासन श्वासयामा (योगिक प्राणायाम) बताने जा रही हूँ जिन्हें आप हिंदी में 5 yoga breathing exercises मै अभ्यास कर सकते हैं:

  1. गहरी पेट सांस (diaphragmatic breathing):

diaphragmatic breathing
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  •  सुखाने या लेटने की एक सुविधाजनक स्थिति में बैठें।
  • अपने छाती पर एक हाथ रखें और दूसरे हाथ को अपनी पेट पर रखें।
  • नाक के माध्यम से धीरे से और गहरी सांस लें, जबकि आप अपने फेफड़ों को हवा से भरते हैं और आपकी पेट ऊपर उठती है।
  • नाक के माध्यम से धीरे से सांस छोड़ें, जबकि आप अपनी सांस को छोड़ते हैं और आपकी पेट नीचे आती है।
  • कुछ बार दोहराएं, गहरी और युक्तियुक श्वास पर ध्यान केंद्रित करते हुए।

गहरी पेट सांस के लाभ ( benefits of diaphragmatic breathing)

डायाफ्रामेटिक श्वासन के कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। यह श्वासन प्रदान करता है जिसमें शरीर के निचले हिस्से का डायाफ्राम उपयोग होता है। इसके कुछ मुख्य लाभ 5 yoga breathing exercises मै निम्नलिखित हैं:

♦ डायाफ्रामेटिक श्वासन करने से श्वसन प्रणाली मजबूत होती है और श्वसन की गहराई बढ़ती है।

♦ डायाफ्रामेटिक श्वासन पाचन तंत्र को सुधारने में मदद करता है। यह पेट की गैस, कब्ज़, और पेट संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता है।

♦ डायाफ्रामेटिक श्वासन माध्यम से शरीर का तनाव कम होता है। यह रहट और शांति की अनुभूति प्रदान करता है और मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता है।

  2. नाड़ी शोधन (Alternate Nostril Breathing):

Alternate Nostril Breathing (1)

  • सीधी बैठें जहां आपकी कमर सीधी हो।
  • अपने बाएं हाथ को अपने बाएं घुटने पर आराम से रखें, हथेली ऊपर की ओर होनी चाहिए।
  • अपने दाएं हाथ को अपनी नाक पर ले जाएँ।
  • अपनी दाएं अंगूठे का इस्तेमाल करके अपनी दाईं नाक को बंद करें और अपनी बाईं नाक से गहरी सांस लें।
  • अपने बाएं अंगूठे को उँगली की मदद से बंद करें, अपनी दाईं नाक को खोलें और अपनी दाईं नाक से सांस छोड़ें।
  • यह क्रिया 4-5 बार कीजिये।

नाड़ी शोधन के लाभ (benefits of Alternate Nostril Breathing)

अल्टरनेट नॉस्ट्रिल ब्रीथिंग (Alternate Nostril Breathing) को नाडी शोधन प्राणायाम के रूप में भी जाना जाता है, जो योगिक प्राणायाम की एक प्रमुख तकनीक है। यह तकनीक पांचिकरण को सुधारने, शरीर और मन को शांत करने, संतुलितता को प्राप्त करने और दिमाग को शुद्ध करने में मदद करती है। इसके कुछ मुख्य लाभ 5 yoga breathing exercises मै निम्नलिखित हैं:

♦ अल्टरनेट नॉस्ट्रिल ब्रीथिंग एक प्रभावी तकनीक है जो स्थानिक तनाव को कम करने में मदद करती है।

♦ यह प्राणायाम चिंता, तनाव, और मानसिक अशांति को शांत करने में मदद करता है। यह मन को स्थिर और शांत करता है और मनोवृत्तियों को नियंत्रित करने में मदद करता है।

♦ इस प्राणायाम के द्वारा श्वसन प्रणाली को सुधारा जा सकता है। यह श्वास द्वारा शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन प्रदान करता है।

3. शीतली प्राणायाम (Cooling Breathing):

Cooling Breathing 2
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  • अपनी कमर सीधी होने योग्य स्थिति में बैठें।अपनी आँखें बंद करें और कुछ गहरी साँसें लें।
  • ट्यूब जैसी आकृति बनाते हुए, अपनी जीभ को लंबाई में घुमाएँ।
  • यदि आप अपनी जीभ नहीं घुमा सकते हैं, तो बस अपने दांतों को हल्के से एक साथ रखें, हवा के प्रवेश के लिए छोटे अंतराल छोड़ दें।
  • ट्यूब के आकार की जीभ या अपने दांतों के बीच के अंतराल के माध्यम से धीरे-धीरे और गहराई से श्वास लें, जैसे ही आप इसे अंदर खींचते हैं, सांस की ठंडक महसूस करें।
  • पूरी तरह से सांस लेने के बाद, अपना मुंह बंद करें और अपनी नाक से धीरे-धीरे और पूरी तरह से सांस छोड़ें।
  • आप अपने आराम के स्तर और समय की उपलब्धता के आधार पर कूलिंग ब्रीदिंग का अभ्यास कुछ मिनटों या उससे अधिक समय के लिए कर सकते हैं।

    शीतली प्राणायाम के लाभ (benefits of Cooling Breathing):

कूलिंग ब्रीथिंग (Cooling Breathing) एक प्राणायाम तकनीक है जो शरीर को शीतलता प्रदान करने में मदद करती है। यह तकनीक प्राणायाम की एक प्रमुख विधि है जो श्वसन द्वारा शरीर की तापमान को नियंत्रित करती है। कूलिंग ब्रीथिंग के कुछ मुख्य लाभ 5 yoga breathing exercises मै निम्नलिखित हैं:

♦ शरीर को ठंडा करना और शरीर की गर्मी को कम करना।
♦ मन को शांत करना और तनाव और चिंता को कम करना।
♦ पाचन तंत्र को बढ़ाना।
♦ फोकस, एकाग्रता और मानसिक स्पष्टता में सुधार।
♦ विश्राम को बढ़ावा देना और तनाव कम करना।

4.कपालभाति प्राणायाम:

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  • सीधी बैठें जहां आपकी कमर सीधी हो।
  • अपने हाथों को अपनी गोद में बाँधें, अंगूठे को अपनी छाती के समीप लगाएँ।
  • अपनी आँखें बंद करें और गहरी सांस लें।
  • श्वास छोड़ते समय, अपने पेट को अंदर की ओर धकेलें, ऐसा करते हुए नाक से तेज श्वास छोड़ें।
  • यह श्वासयाम गतिविधि कुछ समय के लिए जारी रखें, फिर धीरे-धीरे बंद करें।

       कपालभाति प्राणायाम के लाभ

कपालभाति एक प्राचीन योगासन है जो प्राणायाम की एक प्रकार है। इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं और इसे नियमित रूप से करने से शरीर और मन को बहुत सारे फायदे हो सकते हैं। 5 yoga breathing exercises मै यहां कुछ मुख्य लाभ बताए गए हैं:

♦ कपालभाति करने से श्वासनली की संतुलन क्षमता में सुधार होता है।

♦ कपालभाति वज्रासन करने के लिए शरीर को तैयार करता है। वज्रासन पेट की चर्बी को कम करने, पाचन तंत्र को सुधारने और पेट संबंधी समस्याओं को दूर करने में             मदद करता है।

♦ कपालभाति मस्तिष्क में रक्त संचार को बढ़ाता है, जिससे बालों की उत्पत्ति और विकास में मदद मिलती है।

♦ कपालभाति नेत्रों को मजबूत करने में मदद करता है और मस्तिष्क की शक्ति और ताजगी को बढ़ाता है।

♦ कपालभाति पाचन तंत्र को सुधारने में मदद करता है। यह पेट की गैस, कब्ज़, और पेट में जलन जैसी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता है।

5.उज्जायी प्राणायाम:

  • सीधी बैठें या लेटें जहां आप आराम से बैठ सकें।
  • अपने मुख को धीरे से खोलें और गहरी सांस लें।
  • अपने गले के बांदों को बंधित करें, जैसे आप गले में कुछ पीस लेते हैं।
  • सांस को धीरे से छोड़ते हुए, अपनी गले में एक उच्च घोषणा जैसी ध्वनि उत्पन्न करें।
  • सांस को संक्रमित करने के लिए अपनी उच्चारण ध्वनि को गहराई में सुनिश्चित करें।

उज्जायी प्राणायाम के लाभ

उज्जायी प्राणायाम एक प्राणायाम तकनीक है जो योग में प्रयोग होती है। इसमें श्वास को नियंत्रित करके श्वसन प्रणाली को संयमित किया जाता है। उज्जायी प्राणायाम के कई लाभ हैं, जो 5 yoga breathing exercises मै निम्नलिखित हैं:

♦ उज्जायी प्राणायाम करने से श्वास गहराई और दीर्घकालिक होता है। इसके परिणामस्वरूप, श्वसन प्रणाली और अध्यात्मिक शक्ति सक्रिय होती है और मन को तंद्रा से जागृत करता है।

♦ उज्जायी प्राणायाम श्वसन प्रणाली की मजबूती को बढ़ाता है। यह श्वसन प्रणाली के नालीय और अंतरवाहिका में ऊर्जा संचार को सुधारता है और श्वसन प्रणाली को स्वस्थ और सुरक्षित बनाने में मदद करता है।

♦ उज्जायी प्राणायाम ध्यान को बढ़ाने और मन को शांत करने में मदद करता है। यह मन की अशांति और चिंता को कम करता है और मन को स्थिरता और समय की एकाग्रता में लेकर आता है।

निष्कर्ष

कृपया ध्यान दें कि योगासनों और श्वासयामा तकनीकों को सही ढंग से करने के लिए एक प्रशिक्षित योग गुरु की मार्गदर्शन में करना बेहद महत्वपूर्ण है। योग के अभ्यास में सुरक्षा और सुविधा के लिए सदैव अपने स्वास्थ्य पेशेवर की सलाह लें। इन श्वास अभ्यासों का अभ्यास व्यक्तिगत रूप से या एक व्यापक योग अभ्यास के भाग के रूप में किया जा सकता है। उन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल करने से आपके शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक कल्याण के लिए कई लाभ मिल सकते हैं। अधिकतम प्रभावशीलता और सुरक्षा के लिए एक योग्य योग प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में इन अभ्यासों का अभ्यास करना याद रखें।

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