शीर्षासन कैसे करे?

शीर्षासन क्या है?

शीर्षासन को आसनों का राजा कहा जाता है।शीर्ष मतलब “सिर” .यह आसन सिर के बल उल्टा खड़े होकर पूरे शरीर का संतुलन बनाकर किया जाता है, इसलिए इसे शीर्षासन को इंग्लिश मै (handstand pose) कहा जाता है।शीर्षासन को अंग्रेजी में हेडस्टैंड पोज कहा जाता हैं।

शीर्षासन को बहुत आसान आसन माना जाता है लेकिन इसे करना उतना ही कठिन है।आइए जानें शीर्षासन कैसे करे? हिंदी मे →

 

headstand pose

शीर्षासन करने के अनेक फायदे है आइये जाने शीर्षासन कैसे करे? और उसके फायदे

शीर्षासन करने का सही तरीका

  • संबसे पेहले चटाई बिछाकर वज्रासन मै बैठ जाये और दोनो हथोंकी उंगलीयोको आपस मै मिलाकर चटाई पर रखे।
  • नीचे झुककर माथा जमीन पर रखे और हाथों की हथेलियां सिर को बाहर से सहारा देने की स्थिति में होनी चाहिए।
  • शरीर का संतुलन बनाए रखते हुए धीरे-धीरे पैरों को सिधा करके पेट और कमर को ऊपर उठाएं और शरीर का संतुलन बनाए रखे ।धड़ सिर की ओर होना चाहिए और शरीर को सीधा करें।
  • इस पोजीशन में पहुंचने के 1-3 मिनट बाद (या जब तक शरीर कर सकता है)तक स्थिर रहो।यदि आप नियमित रूप से अभ्यास करते हैं, तो यह लंबे समय तक कारने पर भी कोई परेशानी नही होगी।
  • इस आसन की स्थिति में गहरी सांस लें।
  • सामान्य अवस्था में लौटते समय सबसे पहले घुटनों को मोड़कर पेट के पास ले आएं और जमीन पर राख दे।कुछ सेकंड के लिए इस स्थिति में धीरे-धीरे बैठें।
  • इस आसन को 2-3 बार करें।
  • आसन के बाद शवासन करना चाहिए।

शीर्षासन के फायदे

♦ शीर्षासन की वजह से  मस्तिष्क को  रक्त की पूर्ति बढ़ाती है तो यह दिमाग से जुड़ी कई समस्याओं को दूर कर सकता है और याददाश्त बढ़ाने में मदद करता है।

♦ यह शरीर के संतुलन को बनाए रखने में बहुत मदद करता है और मन उत्तेजित रहता है। शीर्षासन करने से मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह बढ़ता है। यह दिमाग को शांत करता है और तनाव को दूर करने में मदद करता है।

♦ नियमित शीर्षासन करने से बाल झड़ने से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करता है।महत्वपूर्ण बात यह है कि इस आसन के नियमित अभ्यास से खोपड़ी मजबूत होती है और उसके स्वास्थ्य में सुधार होता है नतीजतन बालों से जुड़ी समस्याएं 1) सफेद बाल  2)  बाल झड़ना  3)  रूसी  4) बाल झड़ना ऐसी कई समस्याओं से छुटकारा पाएं।

♦ मधुमेह से बचाव के लिए बहुत उपयोगी है इसलिए मधुमेह से दूर रहने के लिए इस आसन को करना जरूरी है।इस आसन को करने से अग्न्याशय उत्तेजित होता है और इंसुलिन स्राव को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

♦ शीर्षासन कई यौन समस्याओं को खत्म करने में मदद करता है जिससे हम सेक्स लाइफ को और ज्यादा एन्जॉय कर सकते हैं।

♦ गर्भाशय संबंधी विकारों, दृष्टि दोष को भी दूर कर सकता है।

कई पाचन समस्याएं,अपच, पित्त, गैस आदि समस्याओं से छुटकारा पाने में मदद करता है।

To read more in english visit What is Shirshasana? and Benefits Of Shirshasana

शीर्षासन करते समय बरती जाने वाली सावधानियाँ

  • यदि आप गर्दन के दर्द या किसी अन्य समस्या से पीड़ित हैं तो आपको शीर्षासन नहीं करना चाहिए।
  • शीर्षासन करने से पहले पेट साफ, खाली होना चाहिए और आसन प्रातःकाल कर लेना चाहिए।
  • मधुमेह, आंखों की समस्या, कान के रोग, सिर दर्द जैसी कोई बीमारी होने पर उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए।
  • महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान और गर्भावस्था के दौरान शीर्षासन नहीं करना चाहिए।
  • शुरुआत में अगर आप आसन करते हैं तो दीवार के सहारे झुक कर कर सकते हैं।
  • आसन करते समय पूर्व स्थिती पर लौटते समय, बहुत धीमी गति से चलें।

सांस लेने की विधि

शरीर को सीधा रखते हुए गहरी सांस लें उसके बाद श्वास नियमित होनी चाहिए और पूर्वस्थितीत आये ।

निष्कर्ष

तुम्ही तुमचा फिटनेस वाढवण्याचा मार्ग शोधत असाल तर,तुम्ही शीर्षासन करण्याचा विचार करू शकता. शीर्षासन योग्यरित्या पूर्ण केल्यावर, लवचिकता सुधारताना सामर्थ्य आणि तग धरण्याची क्षमता निर्माण करण्याचा हा एक प्रभावी आणि सुरक्षित मार्ग असू शकतो. पुढच्या वेळी जेव्हा तुम्ही वर्गात असाल, तेव्हा या आसनाकडे लक्ष द्या आणि तुमच्या प्रशिक्षकाला विचारा की तुम्ही प्रयत्न करू शकता का ?

कोणत्याही आसनाचा सराव करण्यापूर्वी त्याच्या योग्य पद्धतीची माहिती घेणे आवश्यक आसते अन्यथा आसनाचा पुरेपूर लाभ आपल्याला मिळत नाही.

मराठीमध्ये जाणून घेण्यासाठी विजिट करा शीर्षासन – shirshasana in marathi

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