वृक्षासन – Vrukshasan in hindi

वृक्षासन को अंग्रेजी में ट्री पोज tree pose कहते हैं। वृक्षासन नाम में वृक्षासन की विशेषताएं हैं। योग में वृक्षासन (vrukshasan)का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है।इसे वृक्षासन इसलिए कहा जाता है क्योंकि वृक्षासन करते समय अपने शरीर की स्थिति एक सुंदर और स्थिर पेड़ की तरह होती है।

हम अपने मन में विभिन्न भावनाओं, तनाव, चिड़चिड़ापन, क्रोध पर नियंत्रण पा सकते हैं।आइए जानें वृक्षासन – vrukshasan in hindi में:

yoga

वृक्षासन करने की विधि

  • पहला आसन करते समय सतर्क स्थिति में खड़े हो जाएं और अपने हाथों को एक सीधी रेखा में नीचे रखें।
  • दाहिने पैर को बायीं जांघ के अंदर जितना हो सके उतना ऊंचा रखना चाहिए।
  • हाथों को अधिकतम तनाव के साथ नमस्कार की स्थिति में ऊपर की ओर सीधा रखना चाहिए।
  • अपनी आंखें खुली रखें और किसी चीज पर फोकस करें यानी यानी यह ध्यान को स्थिर रखकर शरीर के संतुलन को स्थिर रखने में मदद करता है।
  • इस पोजीशन को आप 10-20 सेकेंड तक कर सकते हैं।यदि आप नियमित रूप से अभ्यास करते हैं, तो आप इससे कहीं अधिक कर सकते हैं।
  • इस पोजीशन में रहते हुए धीरे-धीरे और नियमित रूप से सांस लेते रहना चाहिए।
  • वापस सामान्य होने के लिए गहरी सांस लें और अपनी बाहों को सीधा करें और उन्हें वापस सामान्य स्थिति में लाएं।
  • फिर दूसरे पैर से भी ऐसा ही करें।
  • वृक्षासन (ट्री पोज)  शरीर का संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी है।

An Ultimate Guide To Vrukshasana – Tree Pose (Yoga).

वृक्षासन (ट्री पोज ) के लाभ

♦ शारीरिक संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षासन का अभ्यास किया जाता है ।

♦ अंगों में तनाव से शरीर का लचीलापन बढ़ता है।

♦ साइटिका और जोडो मै दर्द पीड़ित लोगों के लिए वृक्षासन बहुत उपयोगी है।

♦ वृक्षासन( vrukshasan)  करने के कारण पैरो और घुटनों के बीच लचीलापन बढता है , ताकि चलने या किसी भी काम में कोई कठिनाई न हो।

♦ शारीरिक संतुलन और मानसिक तनाव के लिए वृक्षारोपण के कई लाभ हैं।लेकिन इसके लिए नियमित अभ्यास की जरूरत होती है।

♦ वृक्षासन करते वक्त ध्यान केंद्रित करना बहुत जरूरी है।नियमित अभ्यास से वृक्षासन बहुत आसानी से किया जा सकता है।इससे एकाग्रता बढ़ती है।

♦ यह आसन बच्चों के ध्यान और एकाग्रता के लिए बहुत उपयोगी है।

♦ वृक्षासन करते समय मन एकाग्र होता है, परोक्ष रूप से हम ध्यान कर रहे हैं जिससे मन शांत रहता है और एकाग्रता बढ़ती है।

वृक्षासन करते समय इन बातों का ध्यान रखें

  • वृक्षासन अधिमानतः यह सुबह में किया जाना चाहिए, लेकिन अगर यह संभव नहीं है, तो इसे पूरे दिन में किया जा सकता है।
  • वृक्षासन करते  समय पेट साफ होना चाहिए।
  • वृक्षासन – vrukshasan in hindi में शुरुआत में वृक्षासन करते समय संतुलन बनाए रखना बहुत मुश्किल होता है।ऐसे में आप शुरुआत में कुछ दिनों के लिए दीवार के सहारे झुक कर इस आसन को कर सकते हैं।
  • उच्च रक्त चाप,अधकपारि,साइटिका अगर यह समस्या है, तो आसन ना  करे,या फिर किसी कोच की सलाह पर आसन किये जाएं।

सांस लेने की विधि

  • वृक्षासन  करते समय अपने हाथों को जमीन के समानांतर रखते हुए गहरी सांस लें, फिर धीरे-धीरे सांस लें।
  • सामान्य स्थिति में वापस आने के लिये गहरी सांस लें।

निष्कर्ष

यदि आप अपनी फिटनेस बढ़ाने का तरीका ढूंढ रहे हैं, तो आप वृक्षासन करने का विचार कर सकते हैं। जब वृक्षासन  ठीक से किया जाता है, तो लचीलेपन में सुधार करते हुए ताकत और सहनशक्ति बनाने का यह एक प्रभावी और सुरक्षित तरीका हो सकता है। अगली बार जब आप कक्षा में हों, तो इस आसन को देखें और अपने प्रशिक्षक से पूछें कि क्या आप कोशिश कर सकते हैं।

किसी भी आसन का अभ्यास करने से पहले उसकी उचित विधि जान लेना आवश्यक है ,नहीं तो आपको आसन का पूरा फायदा नहीं मिलता।

मराठी मै जाणने के लिये विजिट करे वृक्षासन – Vrukshasan मराठी मध्ये

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