बालासन कैसे करे ?

आज के तनावपूर्ण जीवन में हम अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की पूरी तरह से उपेक्षा कर रहे हैं। इससे बाहर निकलने के लिए आपको रोजाना योगाभ्यास करने की जरूरत है।

balasana

बालासन क्या है?

बालासन को अंग्रेजी में चाइल्ड पोज (child pose) कहते हैं। छोटे बच्चों को इस आसन को करने के लिए जरूर प्रोत्साहित करना चाहिए क्योंकि छोटे बच्चों के लिए इसे करना आसान होता है। यह आसन गर्भ में पल रहे शिशु की तरह दिखता है।

साथ ही बालासन करने से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है और याददाश्त बढ़ाने के लिए यह आसन बहुत ही महत्वपूर्ण है। जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते जाते हैं, उनके लिए इस आसन की मदद से अपनी याददाश्त में सुधार करना आसान होता है।

हालांकि बालासन करना आसान है, और इसके फायदे भी बहुत हैं। आइए जानें बालासन कैसे करे ? और इसके फायदे →

balasana

बालासन करने की विधि

  • बालासन करते समय सबसे पहले चटाई पर वज्रासन मे बैठ जाएं।
  • रीढ़ को सीधा रखें और शरीर को आगे की ओर झुकाएं।
  • गहरी सांस लें और कमर के बल झुकें ताकि सिर जमीन को छुए।
  • दोनों कंधों को एक दूसरे के समानांतर रखें और अपने हाथों को सामने की तरफ रखें जैसा कि चित्र में दिखाया गया है।
  • आसन करते समय श्वास सामान्य होनी चाहिए।
  • इस बैठने की स्थिति में 2-3 मिनट तक प्रतीक्षा करें। (या जब तक संभव हो)
  • सांस छोड़ें और सामान्य स्थिति में लौट आएं।

बालासन करने के फायदे

♦ बालासन के नियमित अभ्यास से तंत्रिका तंत्र के कार्य में सुधार होता है और हम मस्तिष्क को पर्याप्त रक्त की पूर्ति करके मस्तिष्क संबंधी कई समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।

♦ इस आसन के नियमित अभ्यास से कब्ज जैसी समस्या दूर हो जाती है।

♦ बालासन के अभ्यास से रीढ़ की हड्डी में तनाव दूर होता है, जो बदले में पीठ और काठ की कई समस्याओं को दूर करता है।

♦ बालासन करने से तन और मन शांत रहता है।

♦ इस आसन के नियमित अभ्यास से पीठ, कमर और कंधों की मांसपेशियां मजबूत और लचीली होती हैं।

The Best Way To Do Balasana Yoga: Step-By-Step Instructions

बालासन करते समय बरती जाने वाली सावधानियाँ और निष्कर्ष आगे “बालासन कैसे करे ?” इस लेख मै दिये गये है।

बालासन करते समय बरती जाने वाली सावधानियाँ

  1. गर्भवती महिलाओं को बालासन नहीं करना चाहिए।
  2. बालासन करने से पहले पेट को साफ करना चाहिए।
  3. यदि बालासन करते समय सिर जमीन पर टिका हो तो ही सिर पर ज्यादा दबाव न डालें।

निष्कर्ष

यदि आप अपनी फिटनेस बढ़ाने का तरीका ढूंढ रहे हैं, तो आप बालासन करने का विचार कर सकते हैं। जब बालासन ठीक से किया जाता है, तो लचीलेपन में सुधार करते हुए ताकत और सहनशक्ति बनाने का यह एक प्रभावी और सुरक्षित तरीका हो सकता है। अगली बार जब आप कक्षा में हों, तो इस आसन को देखें और अपने प्रशिक्षक से पूछें कि क्या आप कोशिश कर सकते हैं।

किसी भी आसन का अभ्यास करने से पहले उसकी उचित विधि जान लेना आवश्यक है ,नहीं तो आपको आसन का पूरा फायदा नहीं मिलता।

बालासन – Balasana माहिती आणि त्याचे फायदे मराठी मध्ये

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