पश्चिमोत्तानासन – Paschimottanasan in hindi

पश्चिमोत्तानासन बैठे हुए आसनों में से एक है। पश्चिमोत्तानासन – Paschimottanasan in hindi मै आसन कैसे करे? क्या-क्या सवधानी रखे इसके बारे मै जानेगे|

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पश्चिमोत्तानासन क्या है?

पश्चिमोत्तासन नाम पश्चिम और उत्तान शब्दों के मेल से बना है। इसका अर्थ ‘पश्चिम दिशा’ नहीं बल्कि पिछला भाग होता है। पश्चिम मतलब पीठ का पिछला भाग है और उत्तान  मतलब “तणा’ (शरीर का तणा हुआ हिस्सा) कहा जाता है, इसलिए इसे पश्चिमोत्तानासन कहा जाता है।

पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास करने से शरीर के पिछले हिस्से यानी रीढ़ की हड्डी में तनाव होता है। हालांकि पश्चिमोत्तानासन आसान लग सकता है, लेकिन इसे करना थोड़ा मुश्किल है, इसलिए इसे किसी ट्रेनर की सलाह से ही करना चाहिए।

पश्चिमोत्तासन करने की विधि

  • पश्चिमोत्तानासन करते समय सबसे पहले दोनों पैरों को सीधा और फैलाकर चटाई पर बैठ जाएं। दोनों पैरों के बीच गैप नहीं होना चाहिए।
  • रीढ़, गर्दन और आंखें सख्त होनी चाहिए।
  • अब गहरी सांस लें, शरीर को थोड़ा आगे की ओर झुकाएं और पैरों को घुटनों पर झुकाए पंजों की ऊनगलीयोको या पंजों को पकड़ने की कोशिश करें।
  • घुटनों को सीधा रखने की कोशिश करें और माथा घुटनों पर झुकें।
  • कोहनियों को कंधों पर मोड़कर जमीन को छूने की कोशिश करें।
  • सांस छोड़ें, शरीर को आराम दें, कुछ देर आसन की स्थिति में रहें।
  • कुछ सेकंड के बाद पुनर्स्थापित करें।
  • एक ही आसन को 3-4 बार करें।

पश्चिमोत्तनासान

पश्चिमोत्तानासन के लाभ

♦ पश्चिमोत्तानासन (Paschimottasana) रीढ़ की हड्डी को बहुत अधिक फैलाता है, इसलिए यह रीढ़ को लचीला और मजबूत रखने में मदद करता है।

♦ पेट पर दबाव पड़ता है, जिससे गैस या पेट की समस्या दूर हो जाती है।

♦ यह आसन महिलाओं, मधुमेह और उच्च रक्तचाप वाले लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

♦ पश्चिमोत्तानासन का नियमित अभ्यास पाचन को बढ़ाने में मदद करता है और महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म से जुड़ी कई समस्याओं को भी दूर करता है।

♦ मन की बेचैनी कम होती है और एकाग्रता बढ़ती है और मन शांत रहता है।

♦ पश्चिमोत्तानासन के उचित अभ्यास से पेट और पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जिससे उस हिस्से की चरबी को कम करने में मदद मिलती है।

The Ultimate Guide To Doing Paschimottanasana: Everything You Need To Know

पश्चिमोत्तानासन करते समय बरती जाने वाली सावधानियाँ पश्चिमोत्तानासन – Paschimottanasan in hindi में बताई गई हैं।

पश्चिमोत्तानासन करते समय बरती जाने वाली सावधानियाँ

  1. कमर दर्द वाले लोगों को यह आसन नहीं करना चाहिए।
  2. कब्ज, हर्निया आदि वाले लोगों को यह आसन नहीं करना चाहिए।
  3. आसन करते समय जबरदस्ती न करें, जितना हो सके उतना ही जोर लगाएं। ऐसा इसलिए है क्योंकि अंगों पर बहुत अधिक दबाव डालने से हड्डियों या अंगों में चोट लग सकती है।
  4. यदि आप इसके बारे में जानते हैं या किसी प्रशिक्षक की सलाह से यह आसन करना चाहिए।

निष्कर्ष

यदि आप अपनी फिटनेस बढ़ाने का तरीका ढूंढ रहे हैं, तो आप पश्चिमोत्तानासन  करने का विचार कर सकते हैं। जब पश्चिमोत्तानासन ठीक से किया जाता है, तो लचीलेपन में सुधार करते हुए ताकत और सहनशक्ति बनाने का यह एक प्रभावी और सुरक्षित तरीका हो सकता है। अगली बार जब आप कक्षा में हों, तो इस आसन को देखें और अपने प्रशिक्षक से पूछें कि क्या आप कोशिश कर सकते हैं।

किसी भी आसन का अभ्यास करने से पहले उसकी उचित विधि जान लेना आवश्यक है|नहीं तो आपको आसन का पूरा फायदा नहीं मिलता।

आधिक जाणकारी के लिये विजिट करे पश्चिमोत्तानासान – Paschimottasana मराठी मै

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