पद्मासन – Padmasana in hindi

अगर आप आज खुद को कई बीमारियों से बचाना चाहते हैं, तो आपको अपने इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने की जरूरत है।लेकिन इम्यून सिस्टम के साथ-साथ पौष्टिक भोजन करना और योगाभ्यास करना भी जरूरी है। इस लेख में पद्मासन – padmasana in hindi में पद्मासन क्या है? और हम इसके फायदे देखेंगे।

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पद्मासन क्या है?

पद्मा का अर्थ है “कमल”। पद्मासन करते समय आपके शरीर का आकार कमल के आकार का होता है, इसलिए इसे पद्मासन कहते हैं। पद्मासन को अंग्रेजी में लोटस पोज कहते हैं।

पद्मासन करने से मन की शुद्धि होती है और काम, क्रोध, लोभ, काम, काम और ईर्ष्या को दूर करने में भी आसानी होती है। इस आसन का प्रयोग मुख्य रूप से ध्यान के लिए किया जाता है। यह आसन आधार चक्र को उत्तेजित करता है। पद्मासन से इंसान को कई फायदे होते हैं।आइए जानें फिर पद्मासन – padmasana in hindi मै →

पद्मासन करने की विधि

  •  सबसे पहले एक योगा मैट पर बैठ जाएं और अपने पैरों को फैलाकर बैठ जाएं।
  • दाएं पैर को बाएं पैर की जांघ पर और बाएं पैर को दाएं पैर की जांघ पर रखें।
  • अंगूठा और तर्जनी (अंगूठे के बगल की उंगली) एक दूसरे से चिपकनी चाहिए और बाकी उंगलियों को सीधा रखना चाहिए।
  • दाएं हाथ को दाएं घुटने पर और बाएं हाथ को बाएं घुटने पर रखें।
  • रीढ़ और आंखों को सीधा रखें।
  • आंखें बंद करके ध्यान की स्थिति में बैठ जाएं।

पद्मासन करने के फायदे

♦ पद्मासन के दैनिक अभ्यास के कारण हम जाने अंजाने मै ध्यान करते हैं,फलस्वरूप यह मन की शांति के लिए अत्यंत लाभकारी है और आत्म-साक्षात्कार का अनुभव सहज होता है।

♦ अनिद्रा से पीड़ित लोगों के लिए यह आसन वरदान है।

♦ पद्मासन आपकी रीढ़ को सक्रिय और लचीला बनाए रखने में मदद करता है।

♦ पद्मासन अंतःस्रावी ग्रंथियों (endocrine gland) को सक्रिय करता है।

♦ यदि आप नियमित रूप से योग का अभ्यास करते हैं तो नींद और अस्थमा गायब हो जाता है।

♦ रक्तचाप को संतुलित करने में मदद करता हैं।

♦ पैरों में रक्त वाहिकाओं का बढ़ना जैसे रोग नहीं होते हैं

अधिक जाणकारी के लिये विजिट करे पद्मासन 

पद्मासन करते समय बरती जाने वाली सावधानियाँ

  • शुरुआत में पद्मासन से पैरों में दर्द होता है, इसलिए शुरुआत में इस आसन को 1-2 मिनट तक करना चाहिए, नियमित अभ्यास के बाद आप इसका समय बढ़ा सकते हैं।
  • जाँघ पर रखते समय दाएँ पैर को बाएँ पैर की जाँघ पर और बाएँ पैर को दाएँ पैर की जाँघ पर रखें।
  • लेकिन जो लोग थोड़े अधिक वजन के हैं उनके लिए यह संभव नहीं है, इसलिए सबसे अच्छा यही है कि बाएं पैर को दाएं पैर की जांघ में ही रखें।

PADMASANA

निष्कर्ष:

अगर आप अपनी फिटनेस बढ़ाने का तरीका ढूंढ रहे हैं,पद्मासन को आजमाने का विचार कर सकते है।जब वो सही ढंग से किया जाता है तो लचीलेपन में सुधार करते हुए ताकत और सहनशक्ति बनाने का यह एक प्रभावी और सुरक्षित तरीका हो सकता है।अगली बार जब आप कक्षा में हों, इस मुद्रा पर ध्यान दें और अपने प्रशिक्षक से पूछें कि क्या आप इसे आजमा सकते हैं।

किसी भी आसन का अभ्यास करने से पहले उसकी उचित विधि जान लेना आवश्यक है ,नहीं तो आपको आसन का पूरा फायदा नहीं मिलता।

To Know more about in English Visit

How To Do Padmasana: A Complete Guide To The Lotus Pose.

 

 

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